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रायपुर, 20 अगस्त 2025 – छत्तीसगढ़ की राजनीति में बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने कैबिनेट विस्तार करते हुए तीन नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस विस्तार के बाद राज्य का मंत्रिमंडल अब 14 सदस्यों का हो गया है, जो 25 साल में पहली बार है।
शपथ ग्रहण समारोह
राजभवन में राज्यपाल रमेन डीका ने तीनों नए विधायकों –
- गुरु खुशवंत साहेब
- राजेश अग्रवाल
- गजेंद्र यादव
को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री, वरिष्ठ मंत्री, विधायक और भाजपा संगठन के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
कौन हैं नए मंत्री?
1. गुरु खुशवंत साहेब
गुरु खुशवंत साहेब धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनकी लोकप्रियता और जमीनी पकड़ को देखते हुए भाजपा ने उन्हें कैबिनेट में जगह दी। इससे पार्टी ने सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है।
2. राजेश अग्रवाल
राजेश अग्रवाल ने विधानसभा चुनाव में टी.एस. सिंहदेव जैसे दिग्गज नेता को हराकर जीत दर्ज की थी। उनकी जीत को सम्मानित करते हुए पार्टी ने उन्हें मंत्री बनाया है। यह भाजपा की रणनीति है कि नए और दमदार नेताओं को महत्व दिया जाए।
3. गजेंद्र यादव
गजेंद्र यादव की पहचान आरएसएस समर्थक और संगठन से जुड़े कार्यकर्ता के रूप में है। उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर भाजपा ने यह संकेत दिया है कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल को और मजबूत किया जाएगा।
भाजपा की रणनीति – जातीय और क्षेत्रीय संतुलन
भाजपा ने इस विस्तार में खास ध्यान जातीय संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर दिया है। बस्तर क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी इलाकों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
हालांकि, बस्तर से मंत्री न बनाए जाने को लेकर कुछ हल्कों में नाराज़गी भी सामने आ रही है।
25 साल बाद सबसे बड़ा कैबिनेट
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं, और संविधान के अनुसार कैबिनेट की संख्या अधिकतम 15% तक हो सकती है। इस लिहाज़ से मंत्रियों की संख्या 14 तक जा सकती है।
- अभी तक कैबिनेट में 11 सदस्य (सीएम समेत) थे।
- इस विस्तार के बाद संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
- यह राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल बन गया है।
राजनीतिक संदेश और आगे की संभावनाएँ
यह विस्तार कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
- भाजपा ने नए चेहरों को मौका देकर युवाओं और नए मतदाताओं को संदेश दिया।
- जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधकर पार्टी ने आने वाले स्थानीय चुनावों के लिए रणनीति बनाई।
- नए मंत्रियों को ऐसे विभाग मिलने की संभावना है, जो अगले तीन सालों में राज्य की विकास नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं को दिशा देंगे।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ का यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल नए मंत्रियों की नियुक्ति नहीं, बल्कि भाजपा की लंबी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। 25 साल में पहली बार 14 सदस्यीय कैबिनेट बनने से यह साफ है कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति और प्रशासन दोनों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।